सात कदम
क्या रंगना है यह तय करें और दीवारें नापें
पूरे घर में घूमकर सूची बनाइए कि कहाँ पेंट चाहिए: कौन से कमरे, अंदर या बाहर की दीवारें, छत, दरवाज़े, ग्रिल, और किसी दीवार पर सीलन है या नहीं। फिर हर दीवार को टेप से नापिए, ऊँचाई गुणा चौड़ाई, और दरवाज़े व खिड़कियाँ घटा दीजिए। कुल आँकड़े कॉपी में लिखिए। वह सूची हमारे पास लाइए, हर चीज़ कितनी लगेगी यह हम निकाल देंगे।
रंग चुनें और पैच लगाकर देखें
अपने फ़र्नीचर, फ़र्श और पर्दों को ध्यान में रखकर हमारी दुकान के शेड कार्ड देखिए। दस नहीं, दो तीन शेड छाँटिए। हर एक का छोटा पैच असली दीवार पर लगाइए, सूखने दीजिए, और सुबह की रोशनी में व रात को बल्ब के नीचे देखिए। सूखा पेंट गीले पेंट से अलग दिखता है। जो अगले दिन भी पसंद आए, वही चुनिए।
पूरा सेट खरीदें: पुट्टी, प्राइमर, पेंट, औज़ार
सारा सामान एक बार में खरीदिए ताकि काम बीच में न रुके। यानी वॉल पुट्टी, प्राइमर, पेंट, और औज़ार: ब्रश, रोलर, रोलर ट्रे, रेगमाल, पुट्टी चाकू, मास्किंग टेप और फ़र्श ढकने के लिए प्लास्टिक। किसी दीवार में रिसाव हो तो वॉटरप्रूफ़िंग भी लीजिए। अपनी नाप हमें दीजिए, हम पूरी किट जोड़कर देंगे, ज़रूरत हो तो घर तक पहुँचा देंगे।
सतह तैयार करें: साफ़ करें, दरारें भरें, घिसें
फ़र्नीचर बीच में खिसकाकर ढक दीजिए। धूल, चिकनाई और जाले हटाने के लिए दीवारें धोइए, और ढीला या उखड़ता पुराना पेंट खुरचकर निकाल दीजिए। दरारें और कीलों के छेद क्रैक फ़िलर या पुट्टी से भरिए और सूखने दीजिए। फिर पूरी दीवार को हल्का घिसिए ताकि वह समतल लगे, और धूल पोंछ दीजिए। साफ़, सूखी, चिकनी दीवार ही अच्छी फ़िनिश का असली राज़ है।
पुट्टी और प्राइमर
बोरी पर लिखे अनुसार वॉल पुट्टी पानी में मिलाइए और पुट्टी चाकू से पतली, एक जैसी परत लगाइए। उसे पूरा सूखने दीजिए, चिकना घिसिए, और दीवार पर अब भी गड्ढे दिखें तो दूसरी पतली परत लगाइए। धूल पोंछ दीजिए। फिर पूरी दीवार पर प्राइमर का एक कोट लगाइए और सूखने दीजिए। प्राइमर पुट्टी को सील करता है और पेंट को एक जैसी पकड़ देता है।
पेंट के दो कोट, बीच में सूखने का समय
पेंट को अच्छी तरह हिलाइए और बाल्टी के लेबल पर लिखे जितना ही पतला कीजिए। किनारे और कोने ब्रश से रंगिए, फिर बड़े हिस्सों पर रोलर ऊपर से नीचे एक जैसे हाथों से चलाइए। दूसरा कोट शुरू करने से पहले पहला कोट लेबल के अनुसार पूरा सूखने दीजिए। एक मोटे कोट से दो पतले कोट कहीं अच्छे दिखते हैं। सूखते समय हवा के लिए खिड़कियाँ खुली रखिए।
सफ़ाई करें, वारंटी दर्ज करें, इनवॉइस सँभालें
आख़िरी कोट अभी थोड़ा नरम हो तभी मास्किंग टेप हटाइए, ताकि किनारा न फटे। ब्रश और रोलर तुरंत धो लीजिए। बचा पेंट टचअप के लिए ढक्कन कसकर रखिए। फिर खरीद के 15 दिन के अंदर 1800 120 1234 पर फ़ोन करके या बिरला ओपस की वेबसाइट पर अपनी बिरला ओपस वारंटी दर्ज कीजिए, और टैक्स इनवॉइस सँभालकर रखिए।
रंगाई के शब्द
- इमल्शन
- पानी पर आधारित दीवार का पेंट, आजकल अंदर और बाहर की दीवारों के लिए आम पसंद। यह आसानी से फैलता है, तेज़ गंध के बिना सूखता है, कई शेड और फ़िनिश में मिलता है और पोंछकर साफ़ हो जाता है।
- डिस्टेंपर
- सादा, कम खर्च वाला दीवार का पेंट, जो सपाट मैट लुक देता है। जल्दी दोबारा रंगे जाने वाले कमरों या कम घिसाई वाली जगहों के लिए ठीक, पर इस पर दाग जल्दी लगते हैं और इसे धोना नहीं चाहिए।
- प्राइमर
- पेंट से पहले दीवार पर लगने वाला पहला कोट। यह सतह को सील करता है, दीवार कितना पेंट सोखती है उसे एक जैसा करता है, और ऊपर के कोट को मज़बूत पकड़ देता है, जिससे रंग एकसमान उतरता है।
- पुट्टी
- दीवार के छोटे गड्ढे, बारीक दरारें और खुरदरी जगहें भरने के लिए लगाई जाने वाली सफ़ेद पेस्ट। सूखकर घिसने के बाद यह चिकनी, समतल सतह देती है, जिससे ऊपर का पेंट साफ़ और एक जैसा दिखता है।
- इनेमल
- दरवाज़े, खिड़कियाँ, ग्रिल, गेट और लोहे या लकड़ी के फ़र्नीचर के लिए सख़्त, चमकदार पेंट। सूखने पर यह मज़बूत, चमकीली परत बनता है जो ठोकर सह लेती है और गीले कपड़े से पोंछी जा सकती है।
- वॉटरप्रूफ़िंग
- दीवारों, छत और बाथरूम में पानी रिसने से रोकने वाली कोटिंग या उपचार। यह पेंट से पहले लगती है। बारिश के बाद जहाँ सीलन, उखड़ना या सफ़ेद पाउडर दिखे, वहाँ इसे लगाइए।
- वुड फ़िनिश
- लकड़ी के दरवाज़ों, फ़र्नीचर और चौखटों के लिए पारदर्शी या हल्के रंग वाला कोट। यह लकड़ी को नमी और खरोंच से बचाता है, लकड़ी की प्राकृतिक बनावट दिखने देता है, या चाहें तो उसे रंग की छटा देता है।
- शीन
- सूखे पेंट की सतह कितनी चमकती है, यह। मैट में चमक नहीं होती, शीन में हल्की चमक होती है, ग्लॉस सबसे चमकदार। ज़्यादा चमक यानी सफ़ाई आसान, कम चमक यानी दीवार की छोटी खामियाँ बेहतर छुपती हैं।
- कवरेज
- एक लीटर पेंट दीवार पर कितना चलता है, यह। यह पेंट पर, दीवार कितनी खुरदरी या सोखने वाली है इस पर, और कितने कोट लगाते हैं इस पर निर्भर करता है। अपनी नाप लेकर आइए, हम ज़रूरी मात्रा का अंदाज़ा निकाल देंगे।
